मध्य प्रदेश की राजनीति में भूचाल ला देने वाले हनीट्रैप कांड की आरोपियों में से एक मोनिका यादव को लेकर इंदौर पुलिस सोमवार की देर शाम भोपाल पहुंची. यहां पुलिस मोनिका को भोपाल बाइपास स्थित सागर लैंडमार्क सोसाइटी में ले गई, जहां फ्लैट नंबर 112 में मोनिका किराए पर रहती थी.

फ्लैट पर पहुंचते ही मोनिका रो पड़ी. हालांकि मौके पर मीडिया की मौजूदगी के कारण पुलिस ने फ्लैट का ताला नहीं खोला और मोनिका को लेकर वापस चली गई. फ्लैट के बाहर मोनिका की कारगुजारियों की खबरों से भरे अखबार रखे थे.

वह अखबार कभी पढ़ती होगी, लेकिन उसके घर के बाहर पड़े अखबारों के पन्ने अब उसकी ही गिरफ्तारी की खबर और कारगुजारियों पर एक के बाद एक हो रहे खुलासों से भरे पड़े हैं.

इंदौर पुलिस की टीम में शामिल शशिकांत चौरसिया ने बताया कि इस फ्लैट में मोनिका पिछले 4 महीने से रह रही थी. आरती दयाल ने मोनिका को रूम पार्टनर बनाया था. नौकरी और पैसे के लिए आरती ने लोगों के साथ संबंध बनाने के लिए कहा था. मोनिका का फ्लैट उसकी गिरफ्तारी के बाद से बंद है. लेकिन फ्लैट के बाहर फूल पड़े थे. भगवान की पूजा के लिए जो फूल वह मंगवाती थी, वह रोज आ रहे हैं और सूख रहे हैं.

फ्लैट के बाहर मोनिका के और भी कई सामान रखे हैं, जो उसके गिरफ्तार होने के बाद से ही बंद पड़े फ्लैट के गेट पर वैसे ही रखे हुए हैं. पड़ोस में रहने वाले इस बात से हैरान हैं कि महज कुछ महीने पहले किराए पर रहने आई एक लड़की इतने बड़े हनीट्रैप कांड की आरोपियों में से एक है.
गौरतलब है कि हुस्न के जाल में फंसाकर नेताओं, मंत्रियों और बड़े उद्योगपतियों को ब्लैकमेल कर मोटी रकम वसूलने वाले गिरोह का इंदौर पुलिस ने भंडाफोड़ किया था. मोनिका यादव के साथ ही श्वेता जैन, आरती दयाल को भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया है.