दिल्ली: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली का सर्वर छठे दिन भी डाउन है। आधिकारिक सूत्रों ने सोमवार को कहा कि हैकर्स ने कथित तौर पर AIIMS दिल्ली से क्रिप्टोकरंसी में अनुमानित 200 करोड़ रुपए की मांग की है, क्योंकि इसका सर्वर लगातार छठे दिन खराब रहा। बता दें, बीते बुधवार को सुबह सात बजे सर्वर बंद हो गया, जिसके चलते बहिरंग रोगी विभाग (ओपीडी) और नमूना संग्रह सेवाएं प्रभावित हुईं। एक आधिकारिक सूत्र ने कहा कि सर्वर डाउन होने के कारण ओपीडी और नमूना संग्रह सेवाएं प्रभावित हुईं। 

 दिल्ली पुलिस ने फिरौती की खबर से किया इनकार

हैकर्स द्वारा एम्स से फिरौती मांगने की खबर आने के बाद दिल्ली पुलिस का बयान आया है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक हैकर्स ने कोई फिरौती नहीं मांगी है। 

इस साल देश में बढ़े साइबर हमले 

जुलाई में आई साइबर सिक्योरिटी कंपनी नॉर्टन की एक रिपोर्ट में कहा है कि भारत में साल 2022 के पहले तीन महीनों में ही 1.8 करोड़ साइबर हमले हुए हैं। इसका मतलब है कि इंडियन कंप्युटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) ने हर दिन 200,000 साइबर हमले दर्ज किए हैं। 

साल 2021 में भी हुए हमले

IBM's X-फोर्स थ्रेट इंटेलिजेंस टीम के अनुसार, साल 2021 की बात करें, तो भारत एशिया के उन टॉप तीन देशों में शामिल था, जिनके सर्वर में सबसे ज्यादा एक्सिस और रैनसमवेयर हमले हुए हैं। साइबर सिक्योरिटी कंपनी ट्रेलिक्स का कहना है कि 2021 की चौथी तिमाही (Q4) में रैनसमवेयर गतिविधियों में 70 फीसदी तक की बढ़त दर्ज की गई है।

200 करोड़ की फिरौती का क्या है मामला?

ऐसी बातें कही जा रहीं हैं कि हैकरों ने एम्स से 200 करोड़ - रुपये की फिरौती मांगी है. फिरौती की ये रकम क्रिप्टोकरंसी में मांगी गई है. न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि हैकरों ने 200 करोड़ की फिरौती मांगी है.

- हालांकि, दिल्ली पुलिस ने फिरौती मांगने की बात से इनकार किया है. पुलिस का कहना है कि फिरौती नहीं मांगी गई है. एम्स की ओर से भी इसे लेकर कोई बयान सामने नहीं आया है.

सर्वर डाउन कितनी चिंता की बात?

- एम्स दिल्ली का सबसे प्रतिष्ठित अस्पताल है. यहां नामचीन हस्तियों का मेडिकल रिकॉर्ड और डेटा है. इसमें पूर्व प्रधानमंत्रियों, मंत्रियों, ब्यूरोक्रेट्स और वीआईपी का डेटा है.

- लगभग एक हफ्ते से सर्वर डाउन रहने की वजह से 3 से 4 करोड़ लोगों का डेटा लीक होने का खतरा भी बढ़ गया है.