ग्वालियर अंचल में सिंधिया की दस्तक के बाद अन्य वरिष्ठ नेता भी अपना वर्चस्व दिखाने लगे हैं। इसी कड़ी में ग्वालियर सांसद ने CM शिवराज सिंह को पत्र लिखकर अस्पतालों के नामों की राजनीति को हवा दी है।

उन्होंने एक निर्माणाधीन और एक पहले से तैयार अस्पतालों के नाम जनसंघ के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखने की मांग उठाई है। इनमें से एक अस्पताल का नाम सिंधिया घराने के एक सदस्य के नाम पर करने पर भी विचार चल रहा था। ऐसे में ग्वालियर सांसद के पत्र के बाद राजनीतिक घमासान मचने वाला है।

ग्वालियर सांसद विवेक नारायण शेजवलकर ने दो दिन पहले प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा है। पत्र में सांसद शेजवलकर ने लिखा है कि ग्वालियर में एक हजार बिस्तर का निर्माण अपनी पूर्णता की ओर है। यह आपके पूर्व के कार्यकाल की एक उल्लेखनीय सौगात है। कोरोना की संभावित तीसरी लहर से सफलतापूर्वक मुकाबला करने की तैयारी की दृष्टि से जल्द ही यहां 500 बिस्तर का अस्पताल शुरू होने जा रहा है।

15 जुलाई को प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने इसके निर्देश भी दिए हैं। मध्य प्रदेश में भारतीय जनसंघ की स्थापना ग्वालियर से ही हुई थी। हमारे प्रेरणा स्त्रोत डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का प्रवास भी उस समय यहीं था। ऐसे में इस निर्माणाधीन अस्पताल का नामकरण डॉ. श्यामा प्रसाद के नाम पर हो जाए तो यह हम सभी के लिए गर्व की बात होगी।

सांसद द्वारा लिखा गया पत्र जिसमें ग्वालियर के दो बड़े अस्पतालाें के नामकरण की मांग की गई है।

सुपर स्पेशियलिटी का नाम अटल जी के नाम पर हो

इसके साथ ही पत्र में यह भी मांग की गई है कि कोरोना काल में गंभीर कोविड पेशेंट के लिए इलाज का केन्द्र बना सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का नाम पूर्व प्रधानमंत्री व ग्वालियर के लाड़ले अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर किया जाए। इसके लिए आपसे निवेदन है कि जल्द इस दिशा में प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक दिशा निर्देश देने का कष्ट करें। जिससे जल्द यह नामकरण हो सके।

पत्र के पीछे की क्या है वजह

अभी हाल ही में यह चर्चा चली थी कि नए बन रहे अस्पताल का नाम सिंधिया घराने के राजमाता विजयाराजे या माधवराव के नाम पर हो। इससे पहले कि यह मांग जोर पकड़ती सांसद ग्वालियर ने पत्र लिखकर नए नाम देकर बहर छेड़ दी है। जिसके बाद अब लगता है कि ग्वालियर में अस्पतालों के नामकरण की राजनीति शुरू होने वाली है, क्योंकि सिंधिया के विरोधी खेमे का समर्थन सांसद के पत्र को मिलना स्वभाविक है। इससे पहले भी सांसद ग्वालियर शेजवलकर फ्लाइटस मामले में उनके पहले ही संचालित होने की बात कहकर सिंधिया के विरोध में खड़े हो चुके हैं।