नई दिल्ली| पिछले दो-तीन दशकों में दुनियाभर में कई तरह के कैंसर के मामलों में तेजी से इजाफा देखने को मिला है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो जिस तरह से हमारी जीवनशैली खराब होती जा रही है, यह कई प्रकार के गंभीर रोगों को जन्म दे सकती है। प्रोस्टेट कैंसर की समस्या भी ऐसी ही है।
प्रोस्टेट कैंसर के लक्षण

डॉक्टरों के मुताबिक प्रोस्टेट कैंसर के शुरुआती चरणों के दौरान अक्सर कोई लक्षण नहीं दिखाई देते हैं, हालांकि स्क्रीनिंग के माध्यम से कैंसर का पता लगाया जा सकता है। जिन पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर होता है, उनमें निम्न प्रकार के लक्षण देखे जा सकते हैं।
पेशाब करने में कठिनाई।
रात के समय में बार-बार पेशाब की इच्छा होना।
मूत्र या वीर्य के साथ रक्त आना। 
पेशाब करते समय दर्द।
अगर प्रोस्टेट बढ़ गया है तो बैठने में दर्द होना। 
कमर में तेज दर्द। 
वजन कम होना और थकान महसूस होना।
प्रोस्टेट कैंसर क्यों होता है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक आमतौर पर ग्रंथि की कोशिकाओं में विशिष्ट परिवर्तन के कारण प्रोस्टेट कैंसर विकसित हो सकता है। प्रोस्टेट ग्रंथि में कैंसर कोशिकाओं को प्रोस्टेटिक इंट्रापीथेलियल नियोप्लासिया (पिन) कहा जाता है। 50 वर्ष से अधिक आयु के 50 फीसदी पुरुषों में पिन की समस्या का खतरा रहता है। कुछ डॉक्टरों का मानना है कि प्रोस्टेट की कोशिकाओं के डीएनए में होने वाले बदलाव के कारण प्रोस्टेट कैंसर हो सकता है। जिन लोगों के परिवार में किसी को यह समस्या रह चुकी हो उनमें प्रोस्टेट कैंसर विकसित होने का खतरा अधिक होता है।
प्रोस्टेट कैंसर का क्या इलाज है?
डॉक्टरों के मुताबिक प्रोस्टेट कैंसर का उपचार कई अन्य कारकों के अलावा इस बात पर निर्भर करता है कि कैंसर किस चरण में है? कैंसर के निदान के लिए डॉक्टर डिजिटल रेक्टल इग्जाम, प्रोस्टेट स्पेसिफिक एंटीजन टेस्ट, एमआरआई जैसे परीक्षण कराने की सलाह दे सकते हैं। यदि स्थिति तेजी से बढ़ रही है तो सर्जरी के माध्यम से प्रोस्टेट को निकाला जा सकता है। कुछ रोगियों को रेडिएशन या हार्मोन थेरपी की भी आवश्यकता हो सकती है। 

प्रोस्टेट कैंसर से कैसे बचाव करें?

डॉक्टरों के मुताबिक कुछ बातों को ध्यान में रखते हुए प्रोस्टेट कैंसर से बचाव किया जा सकता है। विभिन्न प्रकार के फल, सब्जियां और साबुत अनाज का सेवन करें। फलों और सब्जियों में कई विटामिन और पोषक तत्व होते हैं जो आपको स्वस्थ रखने में सहायक हो सकते हैं। वजन को नियंत्रित रखें और नियमित रूप से व्यायाम करें। सबसे जरूरी चीज, यदि आपमें प्रोस्टेट कैंसर के लक्षण नजर आते हैं तो तुरंत इस बारे में डॉक्टर की सलाह ले लें।