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क्या संसद के विशेष सत्र में देश का नाम बदलने का प्रस्ताव ला सकती है केंद्र सरकार, संविधान विशेषज्ञ बोले, दोनों शब्द एक-दूसरे के पर्यायवाची

India vs Bharat: राष्ट्रपति की ओर से 9 सितंबर को जी-20 कार्यक्रम के दौरान भारत मंडपम में आयोजित होने वाले डिनर के निमंत्रण पत्र में ‘द प्रेसिडेंट ऑफ भारत’ की ओर से न्योता भेजा गया है। इसी निमंत्रण पत्र पर छपे ‘भारत’ शब्द को लेकर अब सियासत होने लगी है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार संसद के विशेष सत्र के दौरान इंडिया का नाम बदलकर भारत करने के लिए एक नया प्रस्ताव ला सकती है। सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। भाजपा लंबे समय से मांग कर रही है कि इंडिया का नाम बदलकर भारत कर दिया जाए।

‘भारत’ या ‘भारतवर्ष’

दिसंबर 2022 में, गुजरात के आनंद से भाजपा सांसद मितेश पटेल ने सितंबर 1949 में संविधान सभा द्वारा विचार-विमर्श के अनुसार इंडिया का नाम बदलकर ‘भारत’ या ‘भारतवर्ष’ करने के बारे में लोकसभा में सवाल उठाया था। पटेल ने दावा किया कि ‘इंडिया’ उस ‘गुलामी का प्रतीक है जिसके अधीन देश था’, जैसा कि ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा नाम दिया गया था।

सरकार ‘इंडिया’ शब्द हटाने के प्रस्ताव से संबंधित विधेयक पेश कर सकती है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार कथित तौर पर चल रहे ‘अमृत काल’ के दौरान देश के लोगों को ‘गुलामी मानसिकता’ और ऐसी मानसिकता से जुड़े किसी भी तत्व से मुक्त करने पर जोर दे रही है। संविधान से ‘इंडिया’ शब्द को हटाने की योजना, मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने दावा किया कि प्रस्ताव से संबंधित तैयारी चल रही है। सूत्रों ने कहा कि 18-22 सितंबर तक होने वाले संसद के विशेष सत्र में सरकार ‘इंडिया’ शब्द हटाने के प्रस्ताव से संबंधित विधेयक पेश कर सकती है।

सूत्रों की मानें तो सरकार भारतीय संविधान के अनुच्छेद-1 में भारत की परिभाषा में इस्तेमाल किए गए ‘इंडिया यानी भारत’ शब्द से ‘इंडिया’ शब्द हटाने पर गंभीरता से विचार कर रही है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमृत काल के पांच व्रतों पर जोर देते हुए कहा था कि इनमें से एक गुलामी की मानसिकता से मुक्ति भी शामिल है।

संसद का विशेष सत्र

संसद का विशेष सत्र 18 सितंबर से शुरू होगा और सरकार के कामकाज को देखते हुए यह 22 सितंबर तक चलेगा। लोकसभा एवं राज्यसभा सचिवालय ने 2 सितंबर को यह जानकारी दी थी। लोकसभा सचिवालय ने बताया था कि 17वीं लोकसभा का 13वां सत्र 18 सितंबर से शुरू होगा और सरकार के कामकाज को देखते हुए यह 22 सितंबर तक चलेगा। वहीं, राज्यसभा सचिवालय ने अपने बुलेटिन में सदस्यों को सूचित करते हुए कहा था कि राज्यसभा का 261वां सत्र 18 सितंबर से शुरू होगा और यह सत्र 18,19, 20, 21 एवं 22 सितंबर तक चलेगा। सचिवालय सूत्रों के अनुसार विशेष सत्र के दौरान दोनों सदनों में प्रश्नकाल और गैर सरकारी कामकाज नहीं होगा। सरकार ने हालांकि संसद के विशेष सत्र का एजेंडा घोषित नहीं किया है।

क्या कहना है राजनीतिक पार्टियों का

राजनीतिक पार्टियों का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार देश के नाम पर भी हमला कर रही है। कांग्रेस के नेता जयराम रमेश ने कहा कि जब संविधान के अनुच्छेद एक में कहा गया है भारत जो की इंडिया था वह राज्यों का संघ है, तो उसमें इंडिया शब्द को क्यों हटाया जा रहा है। हालांकि कांग्रेस के नेता शशि थरूर कहते हैं कि जब संविधान में इंडिया और भारत दोनों का जिक्र है, तो इसमें संवैधानिक तौर पर कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। संविधान विशेषज्ञों का मानना है कि देश के संविधान में ‘इंडिया, दैट इज भारत’ का पहले से ही जिक्र है। इसलिए इंडिया और भारत यह दोनों नाम संविधान में दर्ज हैं और एक दूसरे के पर्यायवाची हैं।

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