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सिक्किम में बाढ़ से तबाही, सेना के 23 जवानों समेत सैकड़ों लापता, सर्च ऑपरेशन जारी

Sikkim Flash Floods Updates: उत्तरी सिक्किम में ल्होनक झील पर बादल फटने से बुधवार को तीस्ता नदी बेसिन में अचानक बाढ़ (Flash Flood) आ गई। राज्य सरकार ने बुधवार को जानकारी देते हुए बाताया कि सिक्किम में बुधवार तड़के आई बाढ़ से अब तक 14 लोगों की मौत हो गई है। इस आपदा से मंगन, गंगटोक, पाकयोंग और नामची जिलों में बड़ा नुकसान पहुंचा है। उत्तरी सिक्किम में ल्होनक झील के कुछ हिस्सों में झील के फटने से पानी का स्तर 15 मीटर तक बढ़ गया। 14 मृतकों में सभी आम नागरिक हैं। वहीं इस बाढ़ में अबतक 102 लोग लापता चल रहे हैं और 26 अन्य घायल बताए जा रहे हैं।
राज्य के विभिन्न हिस्सों में 3,000 से अधिक पर्यटकों के फंसे होने की आशंका है। चुंगथांग में तीस्ता स्टेज 3 बांध में काम करने वाले कई मजदूर अभी भी बांध की सुरंगों में फंसे हुए हैं। मंगन जिले के चुंगथांग और गंगटोक जिले के डिक्चु, सिंगतम और पाक्योंग जिले के रंगपो से लोगों के घायल होने और लापता होने की सूचना मिली है।

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति की बैठक

मिली जानकारी के अनुसार, मौसम अनुकूल होने पर चुंगथांग के लिए एनडीआरएफ की टीम को हवाई मार्ग से भेजा जाएगा। इसके बाद राज्य में फंसे पर्यटकों को भी निकाला जाएगा। उनकी अध्यक्षता में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति की बैठक हुई। सिक्किम के मुख्य सचिव वीबी पाठक भी इस बैठक में वर्चुअली शामिल हुए। इसमें अचानक आई बाढ़ से हुए नुकसान के साथ ही राहत और बचाव कार्य को लेकर चर्चा की गई।

सैन्यकर्मियों में से एक को रेस्क्यू किया

सिक्किम में आई प्राकृतिक आपदा में अभी तक 10 लोगों की मौत हो गई है। लापता 23 सैन्यकर्मियों में से एक को रेस्क्यू किया गया है। सैनिक का इलाज जारी है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। इसके साथ ही लापता 22 अन्य सैनिकों की तलाश के लिए अभियान चलाया जा रहा है और तीस्ता नदी में पश्चिम बंगाल तक सर्च ऑपरेशन जारी है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। बता दें कि, सिक्किम के मंगन जिले की लोनाक झील के कुछ हिस्सों में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड के कारण तीस्ता नदी के निचले हिस्से में बहुत तेजी से जल स्तर में वृद्धि हुई थी। इससे मंगन, गंगटोक, पाकयोंग और नामची जिलों में बड़ा नुकसान पहुंचा है। उत्तरी सिक्किम में ल्होनक झील के कुछ हिस्सों में झील के फटने से पानी का स्तर लगभग 15 मीटर/सेकंड के उच्च वेग के साथ बढ़ गया था।

स्थिति पर लगातार नजर

राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने पहले ही तीन टीमें तैनात कर दी हैं और अतिरिक्त टीमें गुवाहाटी और पटना में तैयार हैं। बचाव और बहाली प्रयासों में राज्य की सहायता के लिए सेना और वायु सेना की पर्याप्त संख्या में टीमें तैनात की जा रही है।

सुरंग मे फंसे लोगों को निकालने का काम जारी

केंद्रीय एजेंसियों और सिक्किम सरकार के राहत और बचाव उपायों की समीक्षा करते हुए कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने इस बात पर जोर दिया कि चुंगथांग बांध की सुरंग में फंसे लोगों और पर्यटकों को निकालने का काम प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने आगे कहा कि एनडीआरएफ की अतिरिक्त टीमों को तैनात किया जाना चाहिए और सड़क, दूरसंचार और बिजली की कनेक्टिविटी को कम से कम समय में बहाल किया जाना चाहिए।

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