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जमीन घोटाले में फंसे एसडीएम, नायब तहसीलदार समेत 19 पर केस दर्ज

फिरोजाबाद । जिले के सिरसागंज तहसील क्षेत्र में विवादित जमीन का नियमविरुद्ध तरीके से फैसला करने और उसे अपने रिश्तेदारों के जरिये हड़पने के मामले में सिरसागंज तहसील के तत्कालीन एसडीएम, नायब तहसीलदार समेत 19 आरोपियों पर एफआईआर दर्ज की गयी है। इस मामले में आरोपी कर्मचारियों को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है।जिलाधिकारी ने एक कमेटी से जांच कराने के बाद शासन को इसकी रिपोर्ट भेजी थी जिसके आधार पर शासन ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए यह कार्यवाही की है। मामला सिरसागंज तहसील इलाके के गांव रुधेनी का है।यहां के काश्तकार योगेंद्र शर्मा की 75 बीघा जमीन विवादित है।करोडों की कीमत की जमीन की वसीयत का विवाद एसडीएम कोर्ट में चल रहा था।योगेंद्र शर्मा की शिकायत के अनुसार एसडीएम कोर्ट में हमारा पक्ष सुने बगैर ही फैसला दूसरे पक्ष के हक में कर दिया। इस मामले में एसडीएम ने योगेंद्र को किसी उच्च न्यायालय में अपील का समय तक नहीं दिया और सात जून को सुनाए गए फैसले में 11 जून को जमीन का दाखिला खारिज भी कर दिया.दूसरे पक्ष ने 12 जून को इस जमीन का बड़ा हिस्सा 10 लोगों के नाम कर दिया।जिन लोगों यह जमीन खरीदी है उनमें से दो खरीददार एसडीएम विवेक राजपूत के करीबी है जिनमे एक उनका चचेरा भाई जबकि दूसरा उनका परिचित है जबकि तीन खरीददार नायब तहसीलदार के रिश्तेदार है जिनमे नायब तहसीलदार के सास,ससुर और साली है।दो बैनामा लेखपाल के रिश्तेदारों के नाम हुए है जिनमें एक खरीददार लेखपाल के पिता है।कुछ जमीन एक जिला पंचायत सदस्य और एक अन्य भाजपा नेता ने खरीदी है।योगेंद्र शर्मा का आरोप था कि हमारी जमीन का निर्णय दूसरे के पक्ष में देने की एवज में अफसरों ने घूंस के रूप में जमीन ली है। जिलाधिकारी रमेश रंजन ने सीडीओ की अध्यक्षता में जांच कमेटी बना दी थी।जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद लेखपाल को सस्पेंड कर दिया गया था और रिपोर्ट शासन को भेज दी गयी थी।जांच रिपोर्ट के आधार पर शासन ने बुधवार को कार्यवाही करते हुए तत्कालीन एसडीएम विवेक राजपूत,नायब तहसीलदार नवीन कुमार,राजस्व निरीक्षक,लेखपाल अभिलाख सिंह और पेशकार को निलंबित कर इनके खिलाफ एफआईआर के भी आदेश दिये थे साथ ही विजिलेंस से इनकी संपत्ति की जांच कराने के भी आदेश दिये थे।शासन के इन्ही आदेशों के क्रम में राजस्व निरीक्षक विशेष कुमार ने तत्कालीन एसडीएम विवेक राजपूत,तत्कालीन नायब तहसीलदार नवीन कुमार, तत्कालीन लेखपाल अभिलाष सिंह,एसडीएम न्यायालय के रीडर प्रमोद शाक्य,राजस्व निरीक्षक मुकेश चौहान के अलावा जमीन की खरीद फरोख्त करने वाले अफसरों रिश्तेदारों,परिजनों के खिलाफ भी केस दर्ज कराया गया है जिनमें मनोज कुमार करसौलिया,अर्जुन सिंह गुर्जर, प्रवेश कुमार,राज श्री चाहर,महीपाल सिंह चाहर,प्रदीप कुमार करसौलिया, अनीता चाहर,प्रशांत कुमार करसौलिया, अजीत कुमार,प्रवीन कुमार करसौलिया,पप्पू,दीपक राजपूत अनिता सिंह,सर्वेश सिंह है.एफआईआर दर्ज होने के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा हुआ है।

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