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जनता की उम्मीद पर नकारा साबित हुए नपाध्यक्ष

अपनी ही पार्टी के पार्षदों से समन्वय नहीं बना पाए पप्पू मलिक
टीकमगढ़ । जनता द्वारा मिले बहुमत के बाद कांग्रेस पार्षदों ने टीकमगढ़ नगरपालिका में विकास के लिए नपाध्यक्ष के चुनाव में अब्दुल गफ्फार पप्पू मलिक को वोट देकर जीत दिलवाई। इससे नगर पालिका क्षेत्र में रहने वाले लोगों को विकास की उम्मीद जगी। लेकिन अध्यक्ष बनने के दो साल के अंदर नपाध्यक्ष न जनता और न ही अपनी पार्टी के पार्षदों की उम्मीद पर खरे उतरे। क्षेत्र की जनता इन्हें नकारा नपाध्यक्ष मानने लगी है।
गौरतलब कि वर्ष 2022 में हुए नगरीय चुनाव में स्थानीय नगरीय क्षेत्र की जनता ने नपा चुनाव के दौरान कांग्रेस पर भरोसा जताते हुए कुल 27 वार्डों में से 14 वार्डों में कांग्रेस प्रत्याशियों को पार्षद चुना था। इसके अलावा नपा चुनाव में भाजपा के 10 एवं तीन निर्दलीय प्रत्याशियों ने विजय हासिल की थी। प्रदेश सरकार ने पार्षदों से अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया निर्धारित की थी। जिसमें कांग्रेस पार्षद अब्दुल गफ्फार पप्पू मलिक नपाध्यक्ष चुने गए। जिस दिन कांग्रेस के पास नगर सरकार की कमान पहुंची उस दिन से ही जनता ने उम्मीद लगा ली थी कि अब नगर पालिका की कार्यप्रणाली में सुधार हो जाएगा। साथ ही शहर की साफ सफाई पेयजल से संबंधित जरूरी सुविधाएं लोगों को आसानी से मिलने लगेगी। मगर दो वर्ष होने वाले है, इसके बावजूद भी इन हालातों में सुधार तो ठीक स्थिति और बद से बदतर हो गई है। जिसके चलते जहां जनता अपने आप को ठगा महसूस समझ रही है।
– पूर्व विधायक का वर्चस्व
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक टीकमगढ़ नगर पालिका कार्यालय अपने पुराने रवैए से संचालित हो रहा है। लोगों की उम्मीदें थी कि नवागत नपाध्यक्ष बनते ही नगरीय क्षेत्र की व्यवस्थाअें में सुधार होगा। मगर व्यवस्थाएं सुधरने का नाम नहीं ले रहीं हैं। दरअसल, नपा पर भाजपा के पूर्व विधायक राकेश गिरि गोस्वामी का वर्चस्व अभी भी है। वे पहले नपाध्यक्ष हुआ करते थे बाद में उनकी पत्नी भी इस पद पर आसीन रहीं हैं। जिसके चलते उनका नपा से मोह भंग नहीं हो पा रहा है। वह शासन सत्ता का लाभ उठाकर मौजूदा नपाध्यक्ष पप्पू मलिक द्वारा कराए जा रहे कार्यों में व्यवधान उत्पन्न करने का काम अंदर ही अंदर कर रहे हैं। टीकमगढ़ नगर पालिका में पूर्व विधायक के समर्थक चुनिंदा कर्मचारी पहले की भांति मलाईदार पदों पर पदस्थ हैं। जिसके चलते यह कर्मचारी विभाग की गोपनीयता भंग करते हुए सारी जानकारी पूर्व विधायक के समक्ष प्रस्तुत करते हैं।
-समन्वय का अभाव
टीकमगढ़ नपाध्यक्ष और कांग्रेस पार्षदों के बीच समन्वय का अभाव है। इसकी वजह यह है कि लगभग सभी पार्षद बड़े-बड़े कारोबारी हैं। जिसके चलते जहां पार्षद अपना रूतबा दिखा रहे हैं, वहीं नपाध्यक्ष भी अपने आप को पार्षदों से मजबूत समझते हैं। नपाध्यक्ष भी पहले से ही बहुत बड़े व्यापारियों की सूची में शुमार हैं और आज भी उनका व्यापार बड़े स्तर पर चल रहा है। वहीं वार्ड नंबर 6 से विजयी हुई कांग्रेस की पार्षद श्रीमती पूनम जायसवाल अपने वादों पर खरी नहीं उतर पाई हैं। इनके वार्ड में लोगों की मूलभूत समस्या यह थी कि बारिश के दौरान लोगों के घरों में गंदा पानी न भरे मगर इनके कार्यकाल की यह दूसरी बारिश होने जा रही है इसके पूर्व वार्ड की न तो नालियों की सफाई की गई और न ही स्वच्छता पर वार्ड में ध्यान दिया जाता है।
-पहली बारिश में खुलेगी नपा की पोल
साफ सफाई व्यवस्था में नाकाम साबित हो रही टीकमगढ़ नगर पालिका की पोल पहली बारिश में ही खुल जाएगी। जब लोगों के घरों में गंदे पानी के साथ घरेलू गृहस्थी का सामान तैरता हुआ दिखाई देगा। तब कहीं जाकर जिम्मेदार जनप्रतिनिधि वहां के निरीक्षण करने की सुध लेंगे और आनन फानन में प्रशासनिक राशि को ठिकाने लगाने के चक्कर में अस्थाई तौर पर कुछ हल निकालेंगे ताकि उनकी जेबे गर्म हो सकें।

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