रायपुर. रायपुर रेल मंडल में 22 मई से आरक्षण केंद्र खुल चुके हैं लेकिन टिकटों की बुकिंग कम और लॉकडाउन के दौरान रद्द की गई ट्रेनों के पैसे रेलवे को ज्यादा रिफंड करने पड़े हैं, जिससे रेलवे को राजस्व का बड़ा नुकसान हुआ है. SECR रायपुर रेल मंडल ने आरक्षित टिकट काउंटर से 22 से 31 मई तक 4 करोड़ 48 लाख 85 हजार 475 रुपए का रिफंड किया, जबकि करीब 7 लाख 70 हजार की टिकट बुक की गई. आपको बता दें कि रेलवे ने 1 जून से 200 ट्रेनों का परिचालन शुरू कर दिया है, जिसमें  रायपुर रेल मंडल से तीन गाड़ियां रायगढ़ -गोंदिया-रायगढ़ जनशताब्दी एक्सप्रेस, मुंबई-हावड़ा मेल और हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस चल रही हैं.

वहीं 12 मई से बिलासपुर-नई दिल्ली-बिलासपुर राजधानी चल रही है. ये सभी गाड़िया पूरी तरह आरक्षित है इन ट्रेनों में एसी और स्लीपर कोच हैं. जरनल डिब्बे में बैठने के लिए भी आरक्षण हो रहा हैं. जनरल कोच के लिए सेकंड सिटिंग का आरक्षण किया जा रहा है. इसी कड़ी में यात्रियों की सुविधा के लिए रायपुर रेल मंडल के स्टेशनों पर आरक्षण केंद्रों के आरक्षित टिकट काउंटर 22 मई से शुरू कर दिए गए हैं. रायपुर रेल मंडल में रायपुर, भिलाई पावर हाउस, कुम्हारी, दुर्ग, भिलाई, मंदिर हसौद, तिल्दा नेवरा,भाटापारा, हथबंद,बिल्हा, बालोद, दल्लीराजहरा, गुंडरदेही भानुप्रतापपुर, राजिम, धमतरी रेलवे स्टेशनों के आरक्षण केंद्रों इन 7 दिनों के भीतर आरक्षित टिकट बुकिंग 1223 हुई जिससे 7,70,035 राजस्व मिला और 67,375 टिकट रद्द किए गए जिसमें रेलवे ने यात्रियों को 4,48,85,475 रुपए का रिफंड किया.

रेलवे को राजस्व का बड़ा नुकसान

रायपुर रेलवे स्टेशन से 22 मई से 31 मई तक आरक्षित टिकट बुकिंग 271 हुई जिससे 2,47,745 राजस्व मिला और 24889 टिकट रद्द किए गए रेलवे ने यात्रियों को 1,79,94,710 रुपए का रिफंड किया. दुर्ग स्टेशन से इन 7 दिनों में बुकिंग 513 टिकटों की हुई जिससे 12,728 राजस्व मिला और 14202 टिकट रद्द किए गए रेलवे ने यात्रियों को  92,22,980 रुपए का रिफंड किया. भिलाई पावर हाउस स्टेशन से 22 मई से 31 मई को आरक्षित टिकट बुकिंग 91 हुई जिससे 90,575 राजस्व मिला और 13077 टिकट रद्द किए गए. रेलवे ने यात्रियों को  72,84,515 रुपए का रिफंड किया.

भाटापारा स्टेशन में भी आरक्षित टिकटों की संख्या 88 रही जिससे रेलवे को 33,565 का राजस्व मिला और 1719 टिकट रद्द किए गए रेलवे ने यात्रियों को  12,24,555 रुपए का रिफंड किया. सभी आरक्षण केन्द्रों में भीड़ ज्यादातर रिफंड लेने वालों की लगी है जबकि यात्रा करने वालों की संख्या बेहद कम है.