इस्लामाबाद । पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान दिल्ली में हुई हिंसा की आड़ में अपनी भारत विरोधी भड़ास निकालने का कोई मौका नहीं छोड़ते हैं। भारत पर निशाना साधने वालों की सराहना करते हुए, वह भारत विरोधी बयान नहीं देने वालों को उकसाने का प्रयास भी कर रहे हैं। उन्होंने इस बात पर अफसोस जताया है कि 'दिल्ली हिंसा के खिलाफ मुस्लिम जगत में बहुत कम आवाजें उठी हैं। इमरान ने ट्वीट कर दिल्ली हिंसा और भारत में 'मुसलमानों व कश्मीर के लोगों के दमन व संहार' का मुद्दा उठाने पर ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्ला अली खमनेई और तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगान की प्रशंसा की है। साथ ही उन्होंने 'अफसोस' जताया कि इस दिशा में मुस्लिम जगत से बहुत कम आवाजें उठी हैं। 
उन्होंने अपने ट्वीट में कहा यह बेहद दुखद है कि मुस्लिम जगत से इसके खिलाफ बहुत कम आवाजें उठी हैं, कम निंदा हुई है। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हिंदू वर्चस्ववादी शासन के खिलाफ अधिक आवाजें पश्चिमी जगत से उठ रही हैं। इमरान का ट्वीट खमनेई के इस ट्वीट के बाद आया है, जिसमें ईरानी धार्मिक नेता ने भारत सरकार से आग्रह किया कि वह 'मुसलमानों का संहार रोके और चरमपंथी हिंदुओं से सख्ती से निपटे। गुरुवार को ईरान के सर्वोच्च नेता खमनेई ने ट्वीट किया भारत में मुस्लिमों के नरसंहार पर दुनियाभर के मुस्लिमों का दिल दुखी है। इससे पहले ईरानी विदेश मंत्री ने भी इसी तरह का बयान दिया था जिस पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई थी।