अंतराराष्ट्रीय मुद्रा कोष ( IMF ) ने भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर बड़ा बयान दिया है। आईएमएफ ने कहा है कि भारत ने अर्थव्यस्था के लिए बुनियादी बातों पर काम किया है। लेकिन समस्या का समाधान करना भी जरूरी है। 

इस क्षेत्र में हालत बेहतर करने की जरूरत

इस संदर्भ में आईएमएफ की मैनेजिंग डायरेक्टर क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने कहा कि बुनियादी मुद्दों पर भारत ने काफी अच्छा काम किया है। लेकिन अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए भारत को कुछ और समस्याओं का हल करना होगा। वॉशिंगटन डीसी में जॉर्जीवा ने कहा कि भारत को नॉन-बैंकिंग क्षेत्र में हालात बेहतर करने की जरूरत है। 

भारत सबसे तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल : सीतारमण

वहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि भारत विश्व की सर्वाधिक तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और इसे और तेजी से विकसित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मजबूत हो रही भारतीय अर्थव्यवस्था 

सीतारमण ने गुरुवार को अमेरिका में भारतीय संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने भले ही भारत की विकास दर का अनुमान घटा दिया है लेकिन देश की अर्थव्यवस्था अब भी सबसे तेजी से विकास कर रही है। सीतारमण ने कहा कि हालांकि आईएमएफ की ताजा रिपोर्ट में भारत और चीन दोनों की विकास दर 6.1 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया है, लेकिन वह निश्चित ही चीन के साथ तुलना नहीं करेंगी।सीतारमण ने कहा कि जो कुछ भी कहा जा रहा है, इसके बावजूद इस बात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है कि भारत वैश्विक परिदृश्य में अब भी सबसे तेजी से विकास कर रहा है।

प्रतिभाशाली हैं भारत की महिलाएं

क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने कहा कि दीर्घकालिक सुधारों के लिए मानव पूंजी में निवेश पहली प्राथमिकता है। उनका कहना है कि श्रम शक्ति में महिलाओं को शामिल करना जरूरी है। ऐसा इसलिए क्योंकि भारत की महिलाएं काफी प्रतिभाशाली हैं, लेकिन वो घर बैठी हुई हैं। भारतीय अर्थव्यवस्था में पिछले साल काफी मजबूत वृद्धि दर्ज की गई थी।

आईएमएफ ने घटाया था विकास दर का अनुमान

मंगलवार को आईएमएफ ने भारत की वित्त वर्ष 2019-20 में रहने वाली विकास दर के लिए अनुमान घटाया था। आईएमएफ के ताजा अनुमान के मुताबिक भारत की जीडीपी इस साल 6.1 फीसदी की रफ्तार से ग्रोथ करेगी। इससे पहले अप्रैल में इसके 7.3 फीसदी रहने का अनुमान व्यक्त किया गया था।