लाहौर । गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के साथ सटी 1450 एकड़ भूमि को भी गुरुद्वारा परिसर में शामिल कर लिया गया है। इस बाबत पाकिस्तान सरकार ने विशेष अधिसूचना भी जारी कर दी है। इन पवित्र खेतों में गुरु नानक देव ने 'खेती कर नाम जपो, किरत करो और वंड छकोÓ का मानवतावादी संदेश दिया था। इसके बाद करतारपुर साहिब अब दुनिया का सबसे बड़ा गुरुद्वारा होगा। पाकिस्तान सरकार ने प्रथम चरण का काम पूरा कर लिया है। दूसरे और तीसरे चरण के काम दो वर्ष में पूरा होगा। पाकिस्तानी इतिहासकार शब्बीर ने एक वीडियो जारी कर यह जानकारी दी है। वीडियो के अनुसार, गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के मुख्य भवन में सफेद रंग का पेंट किया गया है। मुख्य भवन के सबसे बड़े गुंबद के ऊपर स्थापित सोने के कलश को साफ कर दोबारा लगाया गया है। गुरुद्वारा साहिब के आसपास के प्रांगण में संगमरमर लगाने का काम पूरा हो चुका है। अब रगड़ाई हो रही है। गुरुद्वारा साहिब के आसपास पौधे लगा दिए गए हैं। लंगर हॉल और यात्री निवास का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अब पाकिस्तान सरकार चार नए यात्री निवास का निर्माण करेगी। यात्री निवास के हर भवन में एक हजार श्रद्धालु ठहर सकेंगे। गुरुद्वारा साहिब के मुख्य भवन के सामने निर्माणाधीन दीवान हॉल में गुंबद लगाने का काम युद्धस्तर पर चालू है।