इंदौर. इंदौर (Indore) में कोरोना का संक्रमण तेजी से फैलता जा रहा है. देर रात जारी मेडिकल बुलेटिन में 83 नए कोरोना पॉजिटिव (Corona positive) मरीज सामने आए हैं. इसके बाद पॉजिटिव मरीजों की संख्या 2933 तक पहुंच गई है. स्वास्थ्य विभाग के मेडिकल बुलेटिन में दो मरीजों की मौत पुष्टि की गई है. अब तक कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा 111 पर पहुंच गया है. पिछले 24 घंटे में 972 लोगों के सैंपल लिए गए, जिनमें से 926 सैंपल की जांच की गई. जांच में 841 सैंपल निगेटिव आए हैं. सीएमएचओ डॉ. प्रवीण जड़िया (Praveen Jadiya) के मुताबिक, शुक्रवार को 102 मरीजों को स्वस्थ होने पर दो अस्पतालों से डिस्चार्ज किया गया. इसके साथ ही अब तक स्वस्थ हुए मरीजों की संख्या 1381 के पर पहुंच गई है. फिलहाल ,1451 पॉजिटिव मरीजों का इलाज अस्पताल में चल रहा है.

कोरोना का नया गढ़ नेहरू नगर
इंदौर का नेहरू नगर (Nehru Nagar) इलाका कोरोना का नया गढ़ बन गया है. इस क्षेत्र में संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. दो अप्रैल को यहां पर पहला पॉजिटिव मरीज मिला था. तब से लेकर अब तक इस इलाके में 275 पॉजिटिव मरीज सामने आ चुके हैं. इनमें से 18 मरीजों की मौत हो गई है, जबकि 45 मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं. नेहरू नगर क्षेत्र की सात नंबर गली को छोड़कर एक से 10 नंबर तक की सभी गलियां कंटेनमेंट क्षेत्र में बदल चुकी हैं. सात नंबर गली में भी कोरोना न फैले, इसलिए यहां के लोगों ने पहले ही अपनी गली को बंद कर रखा है. एमआइजी थाना क्षेत्र के रुस्तम का बगीचा, गोटू की चाल और पाटनीपुरा क्षेत्रों में लगातार कोरोना पॉजिटिव मिल रहे हैं. इलाके के करीब 200 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं और 250 से ज्यादा लोगों को होम क्वारंटाइन करके रखा गया है.  वहीं,  300 से ज्यादा की रिपोर्ट आना अभी बाकी है.

इंदौर में रोज मिल रहे 70 से 90 मरीज
कोरोना के संक्रमण को करीब दो महीने पूरे होने जा रहे हैं. लेकिन इंदौर के हालात सुधरते दिखाई नहीं दे रहे हैं. शहर में रोज 70 से 90 के बीच नए मरीज सामने आ रहे हैं. वहीं, औसतन रोज दो मरीजों की मौत भी हो रही है. कोरोना का हॉट स्पॉट बने इंदौर को कई बार रेड जोन से बाहर लाने की कोशिश की गई लेकिन संक्रमण कम होने की बजाय बढ़ता जा रहा है. कलेक्टर ने लॉकडाउन-4 में भी और सख्ती बढ़ाई है. शाम 7 से सुबह 7 बजे तक शहर में किसी भी व्यक्ति को निकलने की अनुमति नहीं है. बावजूद इसके संक्रमण की दर में कमी नहीं आ रही है. ये 10 फीसदी के आसपास है और संक्रमण अब घनी बस्तियों तक पहुंच गया है, जिससे प्रशासन की चिंता और बढ़ गई है.