प्‍योंगयांग,उत्‍तर कोरिया का सनकी तानाशाह किम जोंग उन अक्‍सर अपनी अटपटी हरकतों के लिए दुनियाभर में चर्चा में बना रहता है। इस बीच किम जोंग के चंगुल से छूटी एक बंदी ने बेहद सनसनीखेज दावा किया है। बंदी ने कहा है कि उत्‍तर कोरिया में राजनीतिक बंदियों के शव को खेतों में खाद के रूप में इस्‍तेमाल किया जाता है ताकि अच्‍छी पैदावार हो।
उत्‍तर कोरिया में बंदी रह चुकीं किम इल सून ने इस राक्षसी प्रवृत्ति के बारे में यह बड़ा खुलासा किया है। किम इल सून उत्‍तर कोरिया के केइचोन यातना शिव‍िर में बंदी था। यह शिविर प्‍योंगयांग के उत्‍तर में स्थि‍त है। उन्‍होंने बताया कि इस यातना शिव‍िर की सुरक्षा में तैनात सुरक्षा गार्डों के लिए वहां पर खेती की जाती है। इन खेतों में ही राजनीतिक बंदियों के शव खाद के रूप में इस्‍तेमाल किए जाते हैं।

किम इल सून ने बताया कि सुरक्षा गार्डों को यह तरीका बेहद सफल लगता है और वे इसे शिविर के चारों ओर स्थित पहाड़ी जमीन में आजमा रहे हैं। सून ने यह खुलासा ऐसे समय पर किया है जब उत्‍तर कोरिया अंतरराष्‍ट्रीय निंदा का सामना कर रहा है। यही नहीं जब दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रही है, तब नॉर्थ कोरिया ने मिसाइल टेस्‍ट किया है।

इंसानों के शव प्राकृतिक खाद का काम कर रहे
सून ने कहा, 'शिविर के आसपास की जमीन बहुत उपजाऊ है और वहां खेती करना बेहद सफल है। इसकी वजह यह है कि वहां पर इंसानों के शव को दफन किया गया है जो प्राकृतिक खाद का काम करते हैं। कुछ सुरक्षा गार्डों का कहना है कि उन्‍हें पूरी जमीन में लाशों को दफनाना चाहिए ताकि यह पूरे इलाके को उपजाऊ बना दे। उत्‍तर कोरिया गार्ड लोगों को पहाड़ों में दफन करते हैं। एक बार एक बच्‍चा पहाड़ों की ओर चला गया तो उसने देखा कि एक हाथ बाहर निकला हुआ था। दरअसल, वे शव को ठीक से गाड़ना भूल गए थे।'

किम सून ने यह चौंका देने वाला खुलासा उत्‍तर कोरिया पर बनाई गई मानवाधिकार कमिटी के सामने किया। किम सून इन दिनों उत्‍तर कोरिया से बचकर निकल आई हैं और दक्षिण कोरिया के सोल शहर में रहती हैं। कमिटी के कार्यकारी डायरेक्‍टर ग्रेग स्‍कारलेओइयू ने कहा कि इस बयान से यह जाहिर होता है कि उत्‍तर कोरिया कोरोना महामारी के बीच भी अपराध करने से बाज नहीं आ रहा है।