दावोस,आर्थिक बदहाली के शिकार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि जब भारत के साथ उनके देश का रिश्ता सामान्य हो जाएगा तब दुनिया को पाक के सही आर्थिक क्षमता का अहसास होगा। वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम (WEF) में पाकिस्तान के पीएम ने यह भी कहा कि शांति और स्थिरता के बिना आर्थिक विकास संभव नहीं है।
 इमरान खान ने कहा, 'दुर्भाग्यपूर्ण है कि भारत के साथ हमारे संबंध अच्छे नहीं हैं, लेकिन जब ये सामान्य होंगे तो दुनिया को पाकिस्तान की रणनीतिक आर्थिक क्षमता के बारे में पता चलेगा'
 
WEF में विशेष संबोधन में इमरान खान ने कहा कि वह पाकिस्तान को एक कल्याणकारी राज्य बनाना चाहते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक शांति और स्थिरता नहीं होगी आर्थिक विकास संभव नहीं है। खान ने कहा कि पाकिस्तान ने दूसरे देशों के साथ सिर्फ शांति के लिए पार्टनरशिप की है और उन्होंने इसका उदाहरण अमेरिका के साथ रिश्ते का दिया।

'इंग्लैंड जाकर पता चला क्या होता है कल्याणकारी राज्य'
इमरान खान ने कहा, 'मेरी उम्र पाकिस्तान के बराबर है। पाकिस्तान मेरे पैदा होने से सिर्फ 5 साल पहले बना। मैं इस देश के साथ पला-बढ़ा हूं। हमारे संस्थापक पाकिस्तान को एक इस्लामिक कल्याणकारी राज्य बनाना चाहते थे। एक किशोर के रूप में मैं नहीं जानता था कि कल्याणकारी राज्य का क्या मतलब है। इंग्लैंड जाने के बाद ही मुझे यह पता चला। तब मैंने फैसला किया कि यदि मुझे कभी मौका मिला तो मैं पाकिस्तान को कल्याणकारी राज्य बनाऊंगा। यह मेरा विजन है।'

'उग्रवादी समूहों से प्रभावित हुई छवि'
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा कि बिना शांति और स्थिरता के आर्थिक वृद्धि संभव नहीं है। सोवियत जब क्षेत्र से चले गए तो पाकिस्तान में उग्रवादी समूह बचे। अर्थव्यवस्था के लिए शांति और स्थिरता जरूरी है। उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान की छवि प्रभावित हुई है। ऐसे में हमने फैसला किया है कि सिर्फ शांति के लिए हम किसी दूसरे देश के साथ भागीदारी करेंगे। हमने अमेरिका और ईरान के बीच तनाव घटाने के लिए प्रयास किया। तालिबान को अफगानिस्तान से भगाने के लिए पाकिस्तान ने अमेरिका के साथ भागीदारी की।'

'हिंदू-बौद्ध पर्यटन की संभावनाएं'
इमरान ने कहा कि पाकिस्तान रणनीतिक दृष्टि से दुनिया के सबसे अच्छे बिंदु पर है। एक तरफ चीन है ओर दूसरी ओर ईरान है। खान ने कहा, 'हमारा दूसरा सबसे बड़ा पड़ोसी भारत है। दुर्भाग्य से भारत से हमारे संबंध अच्छे नहीं हैं। मैं उन सब बातों में नहीं जाना चाहता हूं लेकिन एक बार भारत के साथ हमारे रिश्ते सामान्य होने के बाद दुनिया को पाकिस्तान की वास्तविक रणनीतिक उपयोगिता का पता चलेगा।' उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के पास पहाड़ी पर्यटन की व्यापक क्षमता है। साथ ही हमारे पास हिंदुओं और बौद्ध सहित धार्मिक पर्यटन के लिए काफी संभावनाएं है।