नई दिल्ली, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया केस में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। सर्वोच्च अदालत ने उन्हें इस केस में जमानत दे दी है। हालांकि, चिदंबरम को अब भी जेल में ही रहना होगा क्योंकि वह अभी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में हैं। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें सीबीआई हिरासत के मामले में जमानत दी है। ध्यान रहे कि आईएनएक्स मीडिया केस में सीबीआई और ईडी ने अलग-अलग केस दर्ज किए थे।

जेल से रिहाई शर्तें
सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देते हुए कहा कि चिदंबरम को जेल से रिहा किया जा सकता है, बशर्ते किसी अन्य केस में उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई हो। साथ ही, उन्हें एक लाख का निजी मुचलका भी भरना होगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि जेल से रिहाई होने पर भी उन्हें विदेश जाने की अनुमति नहीं होगी और उन्हें पूछताछ के लिए उपलब्ध रहना होगा। बहरहाल, चिदंबरम 24 अक्टूबर तक ईडी की हिरासत में हैं। सीबीआई ने चिदंबरम को 22 अगस्त की रात को उनके जोरबाग स्थित आवास से गिरफ्तार किया था।

18 अक्टूबर को हुई थी सुनवाई
गौरतलब है कि दिल्ली हाई कोर्ट ने INX मीडिया से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चिदंबरम को जमानत देने से इनकार कर दिया था। चिदंबरम ने हाई कोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। इस पर 18 अक्टूबर को सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। चिदंबरम फिलहाल 24 अक्टूबर तक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कस्टडी में हैं। इसके अतिरिक्त वह सीबीआई द्वारा दर्ज केस में 24 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भी हैं।

सीबीआई की दलील
सुप्रीम कोर्ट चिदंबरम की याचिका के खिलाफ सीबीआई ने दलील देते हुए कहा था कि पूर्व वित्त मंत्री की उपस्थिति ही गवाहों को डराने-धमकाने के लिए काफी है। उन्हें कम-से-कम तब तक जमानत नहीं दी जाए जब तक अहम गवाहों से पूछताछ नहीं हो जाती। सीबीआई ने कहा था, 'आज ऐसा दौर है जब आर्थिक अपराधों के आरोपी देश से भाग रहे हैं, एक राष्ट्र के रूप में हम इस समस्या से जूझ रहे हैं।'

INX मीडिया केस में 15 लोग चार्जशीटेड
सीबीआई ने आईएनएक्स मीडिया केस में चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम सहित 15 लोगों के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल की है। इसमें पूर्व मीडिया कारोबारी पीटर मुखर्जी, इंद्राणी मुखर्जी का नाम भी शामिल है। इंद्राणी ने दावा किया है कि उसने चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम को सिंगापुर, मॉरिशस, बरमूडा, इंग्लैंड और स्विट्जरलैंड में 50 लाख डॉलर दिए हैं।