श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व को लेकर कांग्रेसियों ने अमृतसर शहर में इमरान खान और नवजोत सिंह सिद्धू के पोस्टर जगह-जगह लगा दिए हैं। उसमें लिखा है- ‘करतारपुर रास्ता खुलवाने वाले असली हीरो नवजोत सिंह सिद्धू’। पोस्टर में लिखा है - ‘हम पंजाबी  छाती ठोक कर कहते हैं  कि करतारपुर रास्ता खुलवाने का सारा श्रेय नवजोत सिंह सिद्धू - इमरान खान को जाता है, क्योंकि हम लोग एहसान फरामोश नहीं हैं ।’
इन पोस्टरों को लगाने का विरोध करते हुए प्रदेश भाजपा प्रवक्ता राजेश हनी ने यहां तक कह दिया कि इससे साबित हो गया है कि नवजोत सिंह सिद्धू वास्तव में भारत में आईएसआई के एजेंट हैं। पाकिस्तान सरकार ने भारत स्थित पाकिस्तान उच्चायोग के माध्यम से उनको सर्वप्रथम निमंत्रण पत्र भेजा है। राजेश हनी ने कहा कि केवल सिद्धू के कारण या जनरल बाजवा से जफ्फी डालने से ही करतारपुर कॉरिडोर पर सहमति नहीं बनी।
इसके लिए लंबे समय से प्रयास चल रहे थे। लोकसभा और राज्यसभा में कई बार यह मुद्दा उठाया गया। पार्लियामेंट स्टैंडिंग कमेटी फॉर होम की टीम ने कई बार मौके का निरीक्षण भी किया। वर्तमान केंद्र की सरकार ने इस मसले को हल कर सिखों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा किया है।

राजेश हनी ने कहा कि पाक सरकार का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निमंत्रण न देने उल्टे पहला निमंत्रण पत्र सिद्धू को भेजना सिद्ध करता है पाकिस्तान की मंशा ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने सरकार को सचेत किया है कि करतारपुर कॉरिडोर से कुछ किलोमीटर दूर आतंकवादियों के ट्रेनिंग कैंप चल रहे हैं ।
बता दें कि पंजाब के पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने केंद्रीय विदेश मंत्री डॉ. सुब्रह्मण्यम जयशंकर को पत्र भेजकर पाकिस्तान जाने की अनुमति मांगी है। सिद्धू ने अपने पत्र में लिखा है कि पाकिस्तान सरकार ने उन्हें श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर के उद्घाटन समारोह के अवसर पर नौ नवंबर को गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब आने का न्योता दिया है। यह उनके लिए बड़े सम्मान की बात है। इस उद्घाटन समारोह में एक विनम्र सिख की तरह शामिल होकर श्री गुरु नानक देव जी को श्रद्धासुमन भेंट कर अपनी जड़ो के साथ जुडे़ंगे। इससे पहले नवजोत सिद्धू इमरान खान की ताजपोशी और करतारपुर कॉरिडोर के शिलान्यास के अवसर पर भी पाकिस्तान गए थे।