नई दिल्ली । रिलायंस इंइंडस्ट्रीज का मार्केट कैप गुरुवार को 10 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो गया। पिछले 30 साल में कंपनी की मार्केट वैल्यू में 60 हजार प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। पिछले तीन दशकों में कंपनी पहले यार्न मैन्युफैक्चरर से एनर्जी जायंट (तेल-गैस क्षेत्र की दिग्गज कंपनी) बनी और उसके बाद वह डिजिटल और रिटेल सेगमेंट में लीडर बन गई। कंपनी पर निवेशकों का भरोसा बना हुआ है और उन्होंने उसे लगातार समर्थन दिया है। इसी वजह से जनवरी 1991 के बाद से कंपनी के वैल्यूएशन में 60,742 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। भारत की जीडीपी से मुकाबला करें तो यह करीब 5.26 फीसदी है। भारत की कुल जीडीपी 190 लाख करोड़ रुपए है। विश्व में 153 ऐसे देश हैं, जिनकी जीडीपी आरआईएल से कम है। पिछले 30 सालों में कंपनी की मार्केट वैल्यू में 60 हजार प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। अभी रिलायंस इंडस्ट्रीज को लंबा सफर तय करना है। मार्केट कैप के लिहाज से विश्व में यह टॉप-10 कंपनियों में नौवें स्थान पर है। वैल्यू की लिहाज से सऊदी अरामको 1700 अरब डॉलर के साथ विश्व की सबसे बड़ी कंपनी है। दूसरे नंबर पर ऐपल है जिसकी वैल्यू 1190 अरब डॉलर है, तीसरे नंबर पर माइक्रोसॉफ्ट है जिसकी वैल्यू 1162 अरब डॉलर है। नौवें नंबर पर रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप 140 अरब डॉलर है।