प्रदेश के चर्चित एवं विवादित आईपीएस अधिकारी पंकज चौधरी को तमाम विवादों के बाद आखिरकार नौकरी गंवानी पड़ गई. गृह मंत्रालय की ओर से जारी पंकज चौधरी के बर्खास्तगी के आदेशों में इसकी वजह पहली पत्नी के रहते बिना तलाक लिए दूसरी शादी करना माना गया है. विभागीय जांच में उन्हें इसका दोषी पाया गया है.

दरअसल, 2009 कैडर के आईपीएस पंकज चौधरी विभिन्न मुद्दों को लेकर हमेशा चर्चित एवं विवादित रहे हैं. अपने सेवाकाल में कभी अपनी तल्ख टिप्पणियों और कार्यप्रणाली को लेकर तो कभी निजी जीवन के मसलों को लेकर लेकर चर्चाओं में रहे. उनके इन सभी विवादों पर निजी जिंदगी का विवाद उन पर भारी पड़ गया.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चौधरी की पहली शादी 4 दिसंबर, 2005 को हुई थी. उस समय वे पुलिस सेवा में नहीं थे. भारतीय पुलिस सेवा में उनके चयन के बाद उनकी जिंदगी में दूसरी महिला आई. इसको लेकर वर्ष 2016 में चौधरी की पहली पत्नी ने उन पर दूसरी महिला के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रहने का आरोप लगाते हुए महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई. इस दौरान पंकज की पहली पत्नी ने यह भी दावा किया कि दूसरी पत्नी से उनके एक बच्चा भी है. यह बच्चा 14 मई 2011 को हुआ. इसके सबूत भी उनके पास है.
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आईपीएस में सलेक्शन के बाद बनाई दूरी
इस शिकायत के दौरान चौधरी की पहली पत्नी ने बताया कि 2008 तक वह अपने ससुराल और अपने पति पंकज के साथ रही. 2008 में एक बेटी भी हुई. वर्ष 2009 में पंकज का आईपीएस सलेक्शन हो जाने के बाद उन्होंने उनसे दूरी बनानी शुरू कर दी. पंकज की पहली पत्नी ने इससे पहले 2013 में भी गृह सचिव को इसकी शिकायत की थी. उसकी कॉपी राज्य महिला आयोग, राजस्थान के डीजीपी, दिल्ली महिला आयोग और राजस्थान के राज्यपाल को भी भेजी थी.
भारतीय सेवा आचरण नियम 1968 के नियम 3-1 के उल्लंघन का दोषी माना
बाद में पंकज पर लगे सभी आरोपों की उच्च स्तरीय जांच हुई. जांच में पहली पत्नी के रहते बिना तलाक दूसरी शादी करना साबित हुआ. इस पर उन्हें अखिल भारतीय सेवा आचरण नियम 1968 के नियम 3-1 के उल्लंघन का दोषी पाया गया. पंकज चौधरी की बर्खास्तगी में बच्चे का बर्थ सर्टिफिकेट और दस्तावेज आधार बने. इस बीच 1 मई 2018 को चौधरी का पहली पत्नी से तलाक हो गया था. पंकज अभी तक पुलिस ट्रैनिंग स्कूल झालावाड़ में कमांडेंट के पद पर तैनात थे. पंकज चौधरी ने बर्खास्तगी आदेश को कैट में चुनौती देने की बात कही है.