मुंबई देश की सबसे बड़ी सीमेंट कंपनी अल्ट्राटेक बांग्लादेश में 6 लाख टन की कैपेसिटी वाले अपने प्लांट के साथ ही चीन, यूरोप और संयुक्त अरब अमीरात में नॉन-कोर एसेट्स बेचने की तैयारी कर रही है। कंपनी ने एनालिस्ट्स को बताया कि वह कर्ज कम करने के लिए यह कदम उठाएगी।

अल्ट्राटेक को 2018 में बिनानी सीमेंट के एक्विजिशन के जरिए चीन, यूरोप और संयुक्त अरब अमीरात में एसेट्स मिले थे। बांग्लादेश की अपनी ग्राइंडिंग यूनिट को भी यह बेचना चाहती है।

अल्ट्राटेक के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर अतुल डागा ने एनालिस्ट्स को बताया, 'हम चीन, यूरोप और संयुक्त अरब अमीरात में नॉन-कोर एसेट्स बेचने की योजना पर आगे बढ़ रहे हैं। हम बांग्लादेश से भी बाहर निकलने के अवसर तलाश रहे हैं, जहां हमारे पास 6 लाख टन की एक छोटी ग्राइंडिंग यूनिट है। इन एसेट्स को बेचने से मिलने वाली रकम से कर्ज घटाने में मदद मिलेगी।'

बांग्लादेश की यूनिट दुबई की ETA स्टार सीमेंट का हिस्सा है। अल्ट्राटेक ने 2010 में ETA स्टार में मेजॉरिटी स्टेक 38 करोड़ डॉलर में खरीदा था।

अल्ट्राटेक पर सितंबर क्वॉर्टर के अंत में 20,619 करोड़ रुपये का नेट डेट था।

बांग्लादेश की यूनिट बेचने से कंपनी को 220-230 करोड़ रुपये मिल सकते हैं।

अल्ट्राटेक ने बिहार और पश्चिम बंगाल में कैपेसिटी बढ़ाने के लिए 940 करोड़ रुपये के कैपिटल एक्सपेंडिचर की भी घोषणा की है। कंपनी ओडिशा में 22 लाख टन की नई ग्राइंडिंग यूनिट भी लगाएगी।

डागा ने कहा कि पूर्वी भारत एक आकर्षक मार्केट है और पीक सीजन में सप्लाई कम पड़ने के कारण कंपनी ने कैपेसिटी बढ़ाने की योजना बनाई है। उन्होंने बताया, 'हम जनवरी-मार्च के दौरान पूरी कैपेसिटी पर यूनिट्स चला रहे थे। इस वजह से हमें पूर्वी भारत में कैपेसिटी बढ़ाने की जरूरत है। इससे इस क्षेत्र में हमारी मौजूदगी भी बढ़ेगी।'

एक एनालिस्ट ने कहा कि बांग्लादेश सहित विदेश में एसेट्स बेचना एक अच्छा कदम है।

बीएसई पर मंगलवार को अल्ट्राटेक का शेयर 2.13 पर्सेंट गिरकर 4,146 रुपये पर बंद हुआ।