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सहायक आयुक्त आबकारी दीपम रायचुरा को क्लीन चीट

कलेक्टर द्वारा गठित जांच समीति की रिपोर्ट में खुलासा फर्जी है शिकायत
भोपाल । सांच को आंच नहीं यह कहावत राजधानी भोपाल के सहायक आबकारी आयुक्त दीपम रायचूरा के मामले में पूरी तरह सटीकहै। पिछले दिनों भोपाल के सहायक आबकारी आयुक्त दीपम रायचूरा पर एक गुमनाम शिकायती पत्र से गुमनाम आबकारी महिला अफ़सर द्वारा यौन शौशण किए जाने की फर्जी शिकायत की गई थी। जिससे उनकी छवि को उच्च स्तर पर धुमिल किया जा सके लेकिन जांच के बाद शिकायत फर्जी पाई गई और सहायक आयुक्त के खिलाफ षड्यंत्र विफल हो गया।
गौरवतलब है कि दो सप्ताह पूर्व राजधानी भोपाल के सहायक आबकारी आयुक्त के कार्यालय में पदस्थ होने का हवाला देकर एक महिला उपनिरीक्षक ने अपने साथ यौन शोषण किए जाने से संबंधित एक शिकायती पत्र भेजा था जिसका खुलासा उच्चस्तरीय जांच के बाद हो गया। जाँच समिति ने अपनी जाँच रिपोर्ट में कहा कि उक्त शिकायत जिस महिला अधिकारी द्वारा की गई थी वह न तो भोपाल के सहायक आबकारी आयुक्त कार्यालय में पदस्थ है और ना ही विभाग में पदस्थ किसी महिला उपनिरीक्षक का उस शिकायत से संबंध है। यह शिकायत निराधार है और तथ्यहीन है, विभागीय सूत्रों की माने तो यह शिकायत केवल सहायक आबकारी आयुक्त दीपम रायचूरा की स्वच्छ व साफ छवि को धुमिल करने के उद्देश्य से की गई हैं भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने जांच समीति की रिपोर्ट के बाद सहायक आबकारी आयुक्त दीपम रायचूरा के क्लीन चीट देते हुए शिकायत को निराधार व झूठा बताया है।
-कही विभाग के लोगो का ही तो नही है षड्यंत्र
इस संपूर्ण घटना क्रम में यह माना जा रहा है की यह षड्यंत्र विभाग के ही कुछ लोगो द्वारा कूटरचित है जिससे रायचुरा की छवी को खराब कर उनको मिलने वाले दायित्व को रोका जा सके और इसमें संदिग्ध भूमिका विभाग में ही पदस्थ एक विवादित उपनिरीक्षक की सामने आ रही है। जो पूर्व में रायसेन एवं भोपाल ज़िले में पदस्थ रहे हैं ये वही उपनिरीक्षक है जिनका शराब ठेकेदार के साथ वर्दी में हवन करते हुए फोटो वायरल हुआ था उसके पश्चात इन्हें तत्काल भोपाल से हटाया गया था।रायसेन पदस्थापना के दौरान इस विवादित उप निरीक्षक के द्वारा कई मामलों में आज दिनांक तक न्यायालय के सामने मुद्देमाल जमा नहीं किया गया है।
जांच में पुलिस को सीसीटीवी फुटेज भी मिले है जिसकी जांच की जा रही है उक्त फुटेज में एक व्यक्ति फर्जी शिकायती लिफाफे को पोस्ट करते हुए दिखाई दे रहा है।
-बेहतर कार्यप्रणाली के लिए जाने जाते है रायचूरा
सहायक आबकारी अधिकारी दीपम रायचुरा अपनी साफ सुथरी छवि एवं बेहतर कार्यप्रणाली के लिए जाने जाते हैं। पिछले दिनों हुए भोपाल के ठेकों में भी रायचूरा के कार्यकाल में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है इसके अलावा भोपाल में अवैध शराब परोसने और अवैध रूप से बार संचालन के मामले में अधिकतर कार्रवाई भोपाल जिले में ही की गई है इसके साथ ही पिछले दिनों राजधानी स्थित अमूल्य ढाबे के खिलाफ आबकारी विभाग की कठोर कार्रवाई पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनी थी। गौरतलब है की सहायक आबकारी आयोग दीपन राय चुरा को तत्कालीन कलेक्टर आशीष सिंह द्वारा उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित भी किया जा चुका है।

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