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मुख्य सचिव को वन मजदूरों ने खून से लिखा पोस्ट कार्ड

भोपाल । मध्य प्रदेश के वन मजदूरों ने अपने खून से लिखे पोस्टकार्ड के माध्यम से अपनी आवाज़ बुलंद की है। वन विभाग में लागू किए जा रहे निजीकरण के खिलाफ, वन मजदूरों ने मुख्य सचिव को अपनी चिंताओं को साझा किया है। इस आंदोलन में वन विभाग के कर्मचारियों और वन ग्राम के सदस्यों ने भी शामिल होने का फैसला किया है।
निजीकरण के खिलाफ आंदोलन:
– पत्र लिखकर गुहार लगाई: वन मजदूरों ने अपने खून से लिखे पत्रों के माध्यम से मुख्य सचिव को अपनी चिंताएं और विरोध जताया।
– वन कर्मचारियों के अस्तित्व को खतरा: निजीकरण के बाद वन कर्मचारियों के अस्तित्व पर खतरा है।
– प्रदेशभर में आंदोलन: यदि आदेश निरस्त नहीं होता, तो पूरे प्रदेश में आंदोलन किया जाएगा।
इस आंदोलन से प्रदेश के वन कर्मचारियों ने अपनी आवाज़ बुलंद की है और निजीकरण के खिलाफ जागरूकता फैलाई है¹।





