रतलाम-झाबुआ चुनावी दंगल: भाजपा की अनीता सिंह और कांग्रेस के कांतिलाल भूरिया में कड़ी टक्कर

रतलाम-झाबुआ लोकसभा क्षेत्र में चुनावी उत्साह की कमी के बावजूद, भाजपा और कांग्रेस के बीच तीव्र प्रतिस्पर्धा जारी है। भाजपा ने अपने पारंपरिक टिकट वितरण नियमों को तोड़ते हुए, रतलाम शहर से अनीता नागर सिंह चौहान को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने वरिष्ठ आदिवासी नेता कांतिलाल भूरिया पर भरोसा जताया है। इस क्षेत्र में आदिवासी समाज के वोट निर्णायक साबित हो सकते हैं, जहां भील और भिलाला समाज के बीच वोटों का बंटवारा देखने को मिल रहा है।
भाजपा को रतलाम शहर में मजबूत समर्थन की उम्मीद है, वहीं कांग्रेस झाबुआ विधानसभा सीट से अंतर की भरपाई करने की आशा कर रही है। चुनावी माहौल में भले ही 2019 के लोकसभा चुनाव जैसी उग्रता और उत्साह का अभाव हो, लेकिन दोनों प्रमुख दल अधिकतम मतदान के लिए प्रयासरत हैं।
इस चुनावी संघर्ष में, रतलाम और झाबुआ जिलों के विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा और कांग्रेस की स्थिति मिली-जुली दिखाई दे रही है। रतलाम लोकसभा सीट का इतिहास भी दिलचस्प रहा है, जहां परिसीमन के बाद दोनों प्रमुख दलों के बीच जीत का पलड़ा बारी-बारी से झुकता रहा है।
इस चुनावी समर में, विभिन्न समुदायों के वोट बैंक और उनकी निष्ठा चुनाव परिणामों पर गहरा प्रभाव डाल सकती है, जिससे इस क्षेत्र का राजनीतिक भविष्य तय होगा। अब देखना यह है कि इस चुनावी दंगल में किसका पलड़ा भारी रहेगा।



