रेलवे में दो दिवसीय हिंदी कार्यशाला का सफल आयोजन

भोपाल, । पश्चिम मध्य रेल के महाप्रबंधक कार्यालय में केंद्रीय कार्यालयों में राजभाषा हिंदी के प्रयोग-प्रसार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दो दिवसीय हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में लगभग 80 कर्मचारियों ने भाग लेकर प्रशिक्षण प्राप्त किया।
कार्यशाला का उद्देश्य
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों और कर्मचारियों को राजभाषा हिंदी में कार्य करते समय आने वाली कठिनाइयों को दूर करना था। महाप्रबंधक श्रीमती शोभना बंदोपाध्याय के संरक्षण और प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर एवं मुख्य राजभाषा अधिकारी श्री अमरेन्द्र कुमार के मार्गदर्शन में यह कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यशाला की मुख्य बातें
*दिनांक:*03.06.2024 एवं 04.06.2024
स्थान: महाप्रबंधक कार्यालय का लेखा विभाग
विषय: संघ की राजभाषा नीति एवं कार्यालयों/विभागों में राजभाषा हिंदी का सरल प्रयोग-प्रसार
प्रशिक्षण और संबोधन
श्री महेश कुमार, उप वित्त सलाहकार एवं मुख्य लेखा अधिकारी तथा उप मुख्य राजभाषा अधिकारी ने विभागीय कर्मचारियों को संबोधित करते हुए लेखा विभाग की कार्यशैली एवं जिम्मेदारियों पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने जोर दिया कि पश्चिम मध्य रेल का कार्य क्षेत्र हिंदी भाषी है, इसलिए सरकारी कामकाज में हिंदी का अधिकतम प्रयोग कर रेल उपयोगकर्ताओं को बेहतर सेवाएं प्रदान की जा सकती हैं।
राजभाषा हिंदी का महत्व
पश्चिम मध्य रेल ने कहा कि भारत सरकार राजभाषा हिंदी के विकास एवं प्रयोग-प्रसार हेतु निरंतर प्रयासरत है। वर्तमान में केंद्रीय कार्यालयों में अधिकांश सरकारी कामकाज इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से निष्पादित किए जा रहे हैं, जिससे हिंदी के प्रयोग को और भी बढ़ावा मिल रहा है।
इस दो दिवसीय हिंदी कार्यशाला ने पश्चिम मध्य रेल के कर्मचारियों को राजभाषा हिंदी में कार्य करने के दौरान आने वाली कठिनाइयों को दूर करने में मदद की। यह पहल न केवल कर्मचारियों के कार्य में सुधार करेगी बल्कि सरकारी कामकाज में हिंदी के प्रयोग को भी बढ़ावा देगी। इस प्रकार की कार्यशालाएं भविष्य में भी आयोजित की जाती रहेंगी, जिससे हिंदी का प्रचार-प्रसार और अधिक व्यापक रूप से हो सकेगा।



