मध्य प्रदेश प्रमुख आर्थिक केंद्र के रुप में उभरा, 2.11 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य

भोपाल
प्रधानमंत्री मोदी का लक्ष्य 2027 तक भारत को विकसित बनाने का है। उन्होंने 2047 तक का समय इसलिए चुना है, क्योंकि तब तक आजादी को 100 साल पूरे हो जाएंगे। विकसित भारत बनाने में मध्यप्रदेश भी अपनी अहम भूमिका अदा करेगा। हाल ही में भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआइएस) ने मध्यप्रदेश का रोडमैप तैयार कर दिया है।
हमारा मानना है कि 2047 तक ये 2.11 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था वाला राज्य बनेगा। 2011-12 में देश की अर्थव्यवस्था में मध्यप्रदेश का योगदान 3.6 फीसदी था, जो 2023-24 में 4.6 फीसदी हो चुका है। यदि मध्यप्रदेश की किसी देश की अर्थव्यवस्था से तुलना की जाए तो हम केन्या, मोरक्को या ओमान से भी बड़ी अर्थव्यवस्था वाले बन चुके हैं। 2030-31 तक मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था 31 लाख करोड़ हो जाएगी। 2047-48 तक ये 2.11 ट्रिलियन डॉलर पहुंचने की पूरी संभावना है। ऐसे में 8.3 से 8.6 फीसदी की विकास दर से बढऩे पर राज्य विकसित बन जाएगा।
आने वाले समय में एग्रो फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल एंड अपेरल, ऑटोमोबाइल, लॉजिस्टिक एंड वेयर हाउसिंग, डिफेंस और एयरोस्पेस, रिन्यूएबल एनर्जी मध्यप्रदेश में खासे मजबूत सेक्टर हैं। इन सभी सेक्टरों में रोजगार का भी भरपूर निर्माण होगा।
यहां की विकास दर को बढ़ाने इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने, एमएसएमई को बढ़ावा देने, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, स्किल डेवलपमेंट वर्क फोर्स को अपग्रेड करना होगा। इसके साथ ही यहां एक्सपोर्ट और ग्रीन स्टेट बनाने पर भी विशेष ध्यान देना होगा।
पहले कभी क्षेत्रवार प्रगति पर ध्यान नहीं दिया गया। इस बार खुद सीएम डॉ.मोहन यादव ने संभागों में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव कीं। देश के प्रमुख उद्यमियों को वहां ले जाकर विशेषताएं बताईं। यही वजह है कि इस बार जो निवेश आ रहा है, वो भी प्रदेश में हर क्षेत्र में आ रहा है।




