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संसद के पांच दिवसीय विशेष सत्र आज से शुरू, ये बिल होंगे पेश

Parliament Session: संसद के पांच दिवसीय विशेष सत्र आज से शुरू होने जा रहा है। संसद के पहले दिन की कार्यवाही पुराने संसद भवन से चलेगी जबकि अगले दिन की कार्यवाही नए संसद भवन में होगी। सरकार ने विशेष सत्र को लेकर अहम तैयारियां की हैं। पांच दिवसीय विशेष सत्र के पहले दिन संसद की 75 साल की यात्रा पर चर्चा की जाएगी। आगामी लोकसभा चुनाव से पहले सरकार विशेष सत्र के दौरान कई बिल पेश करने जा रही है। जिसके लिए सरकार ने अहम तैयारियां की हैं। ये मौजूदा लोकसभा का 13वां और राज्यसभा का 261वां सत्र बताया गया है। लोकसभा का पांच दिवसीय सत्र 22 सितंबर तक चलेगा। इस दौरान सदन की कार्रवाई 11 बजे से दोपहर एक बजे और फिर अपराह्न दो बजे से शाम छह बजे तक चलेगी। इस सत्र में सरकार संसद के 75 वर्ष के सफर पर चर्चा और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति समेत चार विधेयकों पर विचार किया जाना प्रस्तावित है।

पांच दिवसीय विशेष सत्र के पहले दिन संसद की 75 साल की यात्रा पर चर्चा की जाएगी। संसदीय बुलेटिन के अनुसार, पहले दिन 75 सालों की संसदीय यात्रा की उपलब्धियां, अनुभव, यादें और सीख पर चर्चा होगी।

ये बिल होंगे पेश

इसके साथ ही पांच दिवसीय सत्र में डाकघर विधेयक 2023, मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त की नियुक्तियों से जुड़े बिलों को पेश किया जाएगा। साथ ही अधिवक्ता (संशोधन) विधेयक 2023 और प्रेस एवं रजिस्ट्रेशन ऑफ पीरियॉडिकल्स विधेयक भी पेश किए जाने हैं।

सोमवार को बुलाई थी सर्वदलीय बैठक

सोमवार को संसद के विशेष सत्र को लेकर केंद्र सरकार द्वारा सर्वदलीय बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में सभी दलों ने शिरकत की। इस दौरान महिला आरक्षण विधेयक पारित करने पर जोर दिया गया। वहीं, संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सर्वदलीय बैठक के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में सभी पार्टियां अलग-अलग मांग उठाती हैं, लेकिन महिला आरक्षण विधेयक को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया है। बताया जा रहा है कि 18 से 22 सितंबर तक चलने वाले संसद के विशेष सत्र के आखिरी तीन दिन ही सरकार इन बिलों सदन में पेश करेगी। संसद के विशेष सत्र के लिए बीजेपी ने पहले ही लोकसभा और राज्यसभा के अपने सभी सांसदों को व्हिप जारी कर दिया है।

इस बीच लोकसभा और राज्य विधानसभाओं जैसी निर्वाचित विधायिकाओं में महिला आरक्षण सुनिश्चित करने वाले विधेयक के बारे में भी चर्चा तेज हो गई है। इसके अलावा संसद के विशेष सत्र के दौरान सदन में जी20 शिखर सम्मेलन और चंद्रयान-3 की सफलता और आजादी के 75 वर्ष पूरे होने के विषय पर भी चर्चा हो सकती है। इसके अलावा अटकलें लगाई जा रही हैं कि इस सत्र में ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ और देश का नाम ‘इंडिया’ की जगह ‘भारत’ करने का प्रस्ताव भी लाया जा सकता है।

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