पहले आईपोड बनाकर धूम मचाई अब गाय की डकार से हीरे बनाकर दुनिया को चौंकाया

लंदन । आईपोड बनाकर सभी को आश्चर्य चकित करने वाले टोनी फैडल अब गाय की डकार से हीरे बना रहे हैं। सुनने में थोड़ा अटपटा जरुर लगता है लेकिन टोनी के लिए ये सामान्य बात है। क्योंकि उनका दावा है कि डकार और पाद से निकलने वाली मीथेन को हीरे में बदला जा सकता है। ये केवल संभावना नहीं है टोनी की कंपनी इसे करके भी दिखा रही है। इन हीरों का उपयोग इलेक्ट्रानिक्स में किया जा रहा है।
फैडेल स्रोत पर ही मीथेन रोकने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि यह वातावरण में न फैले। क्योंकि इससे धरती के तापमान में इजाफा हो रहा है। उन्होंने कहा, मेरी सीएच4 ग्लोबल नाम की एक और कंपनी है और हम लाल समुद्री शैवाल बनाते हैं। अगर आप लाल शैवाल को चारे के साथ मिलाकर अपने जानवरों को खिलाते हैं, तो उनकी डकार आनी 80 से 90 फीसदी तक कम हो जाएगी। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम के अनुसार मीथेन निकलने के बाद 80 गुना अधिक हानिकारक होती है। यह 20 वर्षों तक वायुमंडल में रहती है।
फैडेल ने कहा, इसी के तहत हम गाय के डकार और पाद से निकले मीथेन को हीरे में बदल रहे हैं। इनमें भारी मात्रा में मीथेन होती है, जिसे हम इकट्ठा करते हैं। मेरी डायमंड फाउंड्री नाम की एक कंपनी है। यह या तो जमीन से या गाय जैसे जानवरों से बायोमीथेन लेती है और हम इसे हरित ऊर्जा, पवन और सौर ऊर्जा से हीरे में बदल देते हैं। सीओ-2 की तरह मीथेन में भी कार्बन के अणु शामिल होते हैं, जिसे कंपनी हीरे बनाने के लिए निकालती है। इसे क्रिस्टलीकृत करती है। हालांकि, अभी इन हीरों का उपयोग मुख्य रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स में किया जाता है।रिपोर्ट के मुताबिक, टोनी फैडेल ने ब्रातिस्लावा में स्टार्मस फेस्टिवल के दौरान जब अपने नए प्रयोग की जानकारी दी, तो दुनिया दंग रह गई। कहा, इतने सालों में मैंने अरबों-खरबों प्रोडक्ट बनाए, जिनका लोग आज भी इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन अब मैं अपना ज्यादातर समय धरती की मदद करने वाले प्रोडक्ट बनाने में खर्च कर रहा हूं। मीथेन रिसाव का पता लगाने के लिए इस साल की शुरुआत में मीथेनसैट नाम को जो उपग्रह लॉन्च किया गया था, उसके लिए मैंने पैसे दिए। उसका डिजाइन और निर्माण हमारी टीम ने किया। हम धरती को बचाना चाहते हैं और इसके लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं।



