आभा आई डी बनवाने के लिए प्रेरित करने लगवाए चेंबर पर स्टिकर

स्वास्थ्य संस्थाओं में प्रतिदिन बनाई जा रही आभा आईडी
भोपाल । मरीजों को अपने चिकित्सकीय उपचार की जानकारी समग्र रूप से उपलब्ध करवाए जाने के लिए विशिष्ट स्वास्थ्य आईडी आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में प्रतिदिन बनाई जा रही हैं । आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत बनाई जा रही इस आईडी से मरीज को दिए गए उपचार के सभी विवरण प्राप्त होंगे । आभा आईडी शासकीय चिकित्सालयों में निशुल्क बनाई जाती है। इसके लिए हितग्राही को अपना आधार कार्ड एवं आधार से लिंक मोबाइल नंबर लाना आवश्यक है । आभा आईडी बनवाने के लिए लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा अपने कक्षों के बाहर क्यूआर कोड के स्टीकर लगवाए गए हैं, जिससे कि इन कार्यालय में आने वाले लोग क्यूआर कोड स्कैन कर अपना आभा आईडी स्वयं बना सके।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट( आभा) डिजिटल हेल्थ आईडी के माध्यम से मरीज को पूर्व में दिए गए उपचार की सभी जानकारियां मिल सकेंगी। मरीज के उपचार के दौरान किसी भी अस्पताल अथवा चिकित्सक को इस आईडी के माध्यम से यह जानकारी मिल सकेगी कि मरीज़ पूर्व से किन बीमारियों से पीड़ित है एवं उसे क्या उपचार दिया गया है। आभा आईडी 14 अंकों का यूनिक नंबर है जिसके माध्यम से मरीज अपनी पैथोलॉजी रिपोर्ट, प्रिस्क्रिप्शन और उपचार डिजिटल रूप से प्राप्त कर कर सकते हैं। एक प्रकार से यह आईडी मरीज का डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड है। जिससे बेहतर उपचार की सेवाएं मरीज को प्राप्त हो सकेंगी।
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन भारत सरकार की एक फ्लैगशिप योजना है । इसका उद्देश्य देश में डिजिटल स्वास्थ्य को बढ़ावा देना है। इसके माध्यम से मेडिकल रिकॉर्ड का सुरक्षित रूप से स्टोर और एक्सेस करने की सुविधा मिल सकेगी । स्वास्थ्य संस्थाओं और सेवा प्रदाताओं के बारे में सटीक जानकारी, टेलीपरामर्श और ई फार्मेसी के माध्यम से दूरस्थ स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचाने का विकल्प देना, स्वास्थ्य सेवा प्रदानकर्ता के पास रोगी के चिकित्सकीय इतिहास की जानकारी, मरीज के देखभाल के निरंतरता को बेहतर बनाना, मेडिकल क्लेम और चिकित्सा की प्रतिपूर्ति को बेहतर करना, डेटा विश्लेषण के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को उन्नत करने में सहायता करना जैसे लाभ आभा आई डी के माध्यम से मिल सकेंगे।




