ब्रिटेन में वीजा धोखाधड़ी के चलते भारतीय नर्सों पर संकट

लंदन: ब्रिटेन में वीजा स्पॉन्सरशिप के नाम पर फर्जीवाड़े की खबरें सामने आने के बाद, भारतीय मूल के नर्सों के समक्ष एक बड़ा संकट उत्पन्न हो गया है। ब्रिटेन की सरकार ने उन नर्सों पर कार्रवाई शुरू कर दी है, जिन्हें फर्जी कंपनियों के जरिए नौकरी पर रखा गया था¹। इस कार्रवाई के चलते, भारत की लगभग 4,000 नर्सों को देश छोड़ने की स्थिति में आना पड़ सकता है²।
इस घटनाक्रम की जड़ में वीजा स्पॉन्सरशिप के लिए लाइसेंस प्रदान करने में सरकारी लापरवाही बताई जा रही है। आरोप है कि बिना उचित जांच-पड़ताल के सैकड़ों कंपनियों को लाइसेंस दिए गए, जिनमें से कई फर्जी पाई गईं¹। इसके परिणामस्वरूप, उन कंपनियों द्वारा नौकरी पर रखी गई नर्सों को अब वापस भारत लौटना पड़ सकता है।
माइग्रेंट्स एट वर्क नामक एक NGO के संस्थापक ने बताया कि ये नर्सें अवसर की तलाश में भारी कर्ज लेकर ब्रिटेन आई थीं और उन्हें अब बिना किसी गलती के दंडित किया जा रहा है¹। इस स्थिति ने न केवल उनके करियर पर बल्कि उनके जीवन पर भी गहरा प्रभाव डाला है।
इस मामले में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक की सरकार की आलोचना हो रही है, और इसे उनकी सरकार की एक बड़ी चूक माना जा रहा है। इस घटना ने विदेशी नर्सों के लिए ब्रिटेन की नीतियों पर भी सवाल उठाए हैं।



