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अमेरिकी जेलों में कैदियों के साथ होता था अमानवीय व्यवहार

मानसिक रूप से अक्षम कैदी की मौत से हुआ खुलासा
फ्लोरिडा । अमेरिका के वर्जीनिया प्रांत के मैरियन सुधार उपचार केंद्र को लेकर सामने आया है, जहां एक कैदी की मौत के बाद जांच में यहां के कैदियों के साथ होने वाले अमानवीय बर्ताव के चर्चे हैं। मैरियन सुधार उपचार केंद्र में मानसिक रूप से अक्षम कैदी चार्ल्स गिवेंस की मौत की जांच के दौरान कुछ चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई थी।
इसके बाद की गई जांच में एक पुलिस इन्वेस्टीगेटर “असहनीय” स्थितियों की शिकायत से हैरान रह गया। सुधार केंद्र में इतनी ठंड थी कि शौचालय का पानी बर्फ में बदल जाता था और कैदियों को कई बार हाइपोथर्मिया का इलाज करना पड़ा। इस मामले की समीक्षा विशेष ग्रैंड जूरी ने की थी और किसी तरह का कोई आपराधिक आरोप नहीं लगाया गया था। लेकिन गिवेंस की बहन ने संघीय अदालत में कानूनी कार्रवाई की है। उनका दावा है कि 2022 में घातक रूप से पीटे जाने से पहले उनके भाई को ठंडे पानी की यातना सहित लगातार दुर्व्यवहार सहना पड़ा था। एक रिपोर्ट के अनुसार, उनका मुकदमा दक्षिण पश्चिम वर्जीनिया स्थित केंद्र के गंभीर हालात पर रोशनी डालता है, जिसकी ग्रैंड जूरी ने अमानवीय और निंदनीय के रूप में निंदा की।
पता चला कि कैदियों को ठंड के मौसम के दौरान तीन वर्षों में हाइपोथर्मिया के लिए कम से कम 13 बार अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। जबकि जेल के अंदर ठंड के तापमान के बारे में चिकित्सा कर्मचारी चिंताएं जताते रहते थे। बता दें कि जैसे देश में सामान्य लोगों के अधिकारों के लिए तो बहुत जागरूकता है ही। अपराधियों के साथ होने वाले अमानवीय बर्तावों के लिए भी अच्छी खासी संवेदनशलीता बरती जाती है। यहां की जेलों में भी मानवाधिकारों को लेकर खास तरह का सतर्कता बरती जाती है।

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