वन विभाग में निजीकरण के विरोध में पोस्टकार्ड आंदोलन शुरू
भोपाल: वन विभाग के निजीकरण के निर्णय के खिलाफ, मध्य प्रदेश के वन कर्मचारियों ने पोस्टकार्ड अभियान का आगाज किया है। इस आंदोलन का नेतृत्व कर्मचारी मंच द्वारा किया जा रहा है, जिसमें राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के 54 जिलों के कर्मचारी शामिल हैं।
मुख्य बिंदु:
– विरोध: वन विभाग में निजीकरण के विरोध में वन मजदूर, स्थाई कर्मी, दैनिक वेतन भोगी, वन समिति के चौकीदार और श्रमिकों ने अपनी आवाज उठाई है।
– पोस्टकार्ड आंदोलन: प्रदेश के मुख्य सचिव के नाम हजारों पोस्टकार्ड भेजे गए हैं, जिससे उनकी चिंताओं को सरकार तक पहुंचाया जा सके।
– प्रदेश अध्यक्ष का बयान: मध्य प्रदेश कर्मचारी मंच के प्रदेश अध्यक्ष, अशोक पांडे ने बताया कि वन कर्मचारियों की मेहनत से ही मध्य प्रदेश को ‘टाइगर स्टेट’, ‘चीता स्टेट’, ‘घड़ियाल स्टेट’, और ‘तेंदुआ स्टेट’ का दर्जा प्राप्त हुआ है।
– निजीकरण के परिणाम: निजीकरण से वन मजदूरों और दैनिक वेतन भोगियों का रोजगार छिनने का खतरा है, और वन समिति के श्रमिकों को पलायन करने की स्थिति आ सकती है।
– आगे की योजना: यदि निजीकरण का आदेश शीघ्र वापस नहीं लिया गया, तो कर्मचारी मंच एक महीने तक पोस्टकार्ड आंदोलन चलाने और उसके बाद राज्य स्तरीय आंदोलन शुरू करने की योजना बना रहा है।




